लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के 19 मार्च को 4 साल पूरे हो जायेंगे और इसी के साथ ही सरकार 2022 के लिए चुनावी मोड़ में होगी. 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले योगी ने अपना अंतिम बजट भी 22 फरवरी को पेश किया. लेकिन
2017 के विधानसभा चुनाव से पहले जारी संकल्प पत्र में शामिल छोटे-बड़े 225 वादों में से कई अभी पूरे नहीं किये जा सके हैं. योगी सरकार ने इन चार वर्षों में पांच बजट व कई अनुपूरक बजट पेश किये फिर भी इनमें से दो तिहाई वादों को पूर्ण रूप से या आंशिक रूप से अमल करने में कामयाब रहे हैं लेकिन करीब एक तिहाई वादों पर अब भी अमल होना बाकी है. जिनमें किसानों को ब्याजमुक्त फसली ऋण, यूपी में स्थापित उद्योगों में 90 प्रतिशत नौकरियों को प्रदेश के युवाओं के लिए आरक्षित करने, कॉलेज में दाखिला लेने वाले सभी युवाओं को मुफ्त लैपटाप, वृद्धावस्था व विधवा पेंशन 1000 रुपये करने व सभी गरीबों को गरीब कल्याण कार्ड व उसमें दी जाने वाली सुविधाओं जैसे कई वादे अभी भी अधूरे हैं.

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