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अथ श्री बीएस तिवारी तिकड़म, बहाना निरीक्षण औचक, खास की शादी निपटाई चौचक

#बिजली निगम के निदेशक बीएस तिवारी अपने खासुलखास के घर शादी का न्यौता भी सरकारी खर्चे पर निपटाया.

#औचक निरीक्षण के बहाने बीएस तिवारी ने हरदुआगंज मे अपने खास और संकट से बचाने वाले मानसिंह के घर जाकर निमंत्रण दिया और इस तरह अपना सरकारी दायित्व पूरा किया.

#हरदुआगंज मौत काण्ड में चल रही पुलिस जांच को मैनेज करने के लिए  कल्याण अधिकारी मानसिंह को भेजा था पुलिस के पास.

#मानसिंह से अपने संबंधों की लोगों के बीच चर्चा बचने के लिए शादी में न जाकर 19 नवम्बर को शाम 4 बजे मानसिंह के घर निमंत्रण देने गया बीएस तिवारी.  

#बीएस तिवारी के मानसिंह के घर जाने की एक वजह “प्रेसटूल घोटाला”, जिसको मैनेज करने में जुटा तिवारी.

#आरके वाही जीएम हरदुआगंज भी बीएस तिवारी का प्यादा,तिवारी के कहने पर मानसिंह को नहीं कर रहा रिलीव.

#जबकि Transferred को न रिलीव करने पर पनकी जीएम को हो चुकी है चार्जसीट.

#मानसिंह को रिलीव करने में प्रबंधन बता रहा है तमाम कहानियां जबकि इसी तरह के प्रकरण में DGM DS Rai को कर चुका है रिलीव.  

अफसरनामा ब्यूरो  

लखनऊ : लूट, भ्रष्टाचार, गैर इरादतन हत्याओं जैसे इल्जामों से बेखौफ बिजली निगम का निदेशक तकनीकी बीएस तिवारी अपने खासुलखास के घर शादी का न्यौता भी सरकारी खर्चे पर निपटा देता है. औचक निरीक्षण के बहाने बीएस तिवारी ने हरदुआगंज मे अपने खास और संकट से बचाने वाले मान सिंह के घर जाकर शादी का व्यवहार दिया और इस तरह अपना सरकारी दायित्व भी पूरा किया. विद्यासागर तिवारी का हरदुआगंज परियोजना में औचक निरीक्षण या घोटालो में मदद करने वाले विश्वास पात्र प्यादे वेलफेयर ऑफिसर मान सिंह के बेटे की शादी में शामिल होना एक अजब संयोग दोनों की तारीख का एक होना है. मानसिंह से अपने इसी संबंधों के चलते लोगों के बीच चर्चा में आने से बचने के लिए बीएस तिवारी शादी में न जाकर 19 नवम्बर को शाम 4 बजे मानसिंह के घर निमंत्रण देने गया.

दरअसल बीएस तिवारी के हरदुआगंज के कारनामे ही उसके हरदुआगंज प्रेम की बड़ी वजह हैं और इन कारनामों को मैनेज करने में बड़ी भूमिका कल्याण अधिकारी मानसिंह की रही है. बीएस तिवारी के मानसिंह के घर जाने की एक वजह “प्रेसटूल घोटाला” भी रहा. जिसके सम्बन्ध में एक खबर “प्रेसटूल खरीद मे माल काटा मौत बांटी बीएस तिवारी ने” नामक शीर्षक से “अफसरनामा” ने लिखी थी. सूत्रों की मानें तो इसी प्रेसटूल प्रकरण को कूटरचित दस्तावेजों के साथ सुलटाने की तैयारियां भी रही वजह, जिसमें इसका मददगार वाही और मानसिंह होगा.    

निदेशालय के निर्देशों के बावजूद मानसिंह को ना रिलीव करने के लिए हरदुआगंज के जीएम की भी भूमिका संदिग्ध है और बीएस तिवारी से सेटिंग्स के चलते नहीं छोड़ा जा रहा है मानसिंह. क्यूंकि मानसिंह हरदुआगंज में बीएस तिवारी के कारनामों को मैनेज करने में अहम भूमिका अदा करता रहा है. यही नहीं बीएस तिवारी के सिपहसालार के तौर पर काम कर रहे हरदुआगंज के जीएम आर के वाही, तिवारी के दबाव में मानसिंह को नहीं कर रहे रिलीव जबकि Transferred को न रिलीव करने पर पनकी जीएम को हो चुकी है चार्जसीट. मानसिंह को रिलीव करने को लेकर तमाम तरह की सफाई प्रबंधन द्वारा दी जा रही है जबकि इसी तरह के DGM DS Rai के प्रकरण में प्रबंधन द्वारा दबाव बनाकर ज्वाइन करा दिया गया.

हरदुआगंज में बीएस तिवारी को बचाने और उसके काले कारनामों पर पर्दा डालने में कल्याण अधिकारी मान सिंह की भूमिका बड़ी है. मानसिंह की उपयोगिता हरदुआगंज के लिए इस कदर है कि अनपरा के लिए तबादला होने के बावजूद पिछले 4 साल से रिलीव नहीं किया जा रहा है, जबकि सीजीएम अनपरा ने मानसिंह को रिलीव किये जाने को लेकर कई पत्र भी लिख चुके हैं. उसको रिलीव न किये जाने के पीछे बीएस तिवारी का बड़ा हाथ है. जबकि लखनऊ उत्पादन निगम निदेशालय से ट्रान्सफर हुए अधिकारियो को रिलीव करने के कई कड़े निर्देश भी दिए जा चुके हैं. इसके अलावा मजेदार बात यह है कि उसके तबादले को लेकर दिये  गये स्थगन आदेश की अवधि भी मार्च 2018 में समाप्त हो चुकी है इसके बावजूद मानसिंह अभी तक बिना किसी अग्रिम आदेश के हरदुआगंज में बीएस तिवारी और वाही की मेहरबानियों के चलते तैनात है और प्रबंधन इनके आगे मजबूर है.    

बताते चलें कि हरदुआगंज कांड के आरोपी, राख घोटाले में करोड़ों डकारने वाले और बिजली घर की मरम्मत के ठेके मे जमकर वारे न्यारे करने वाले बिजली निदेशक बीएस तिवारी पर जब हरदुआगंज में हुई मजदूरों की मौत को लेकर दर्ज FIR की विवेचना अधिकारी जवां थाने का दरोगा नीलेश लखनऊ में बीएस तिवारी से पूछताछ किया था, उसके बाद बीएस तिवारी ने हरदुआगंज स्थित अपने कनेक्शन को सक्रिय करते हुए मामले को मैनेज करने के लिए इसी कल्याण अधिकारी मानसिंह को जवां थाने के इंचार्ज से मिलने के लिए भेजा था, जिसका खुलासा “अफसरनामा” ने अपनी खबर में किया था.

बीएस तिवारी की गरदन फंसने और पुलिस जांच के आगे बढ़ते ही लगातार तिवारी की सांठगांठ से माल कमाने वाला और उसके घोटालों आदि को मैनेज करने में सहायक क्रिस ट्रेडर्स का मालिक धनपशु विकास जादौन का भी सम्बन्ध यहीं से है. हरदुआगंज में जीएम रहते विकास जादौन और उसकी कम्पनी को उपकृत करने वाले बीएस तिवारी अभी बिना प्रयोजन खरीदे जाने वाले नैश पम्प की खरीद का काम भी इसी विकास जादौन को देना चाहते थे. इन सबके बावजूद पिछले दिनों वर्तमान में विभाग के मुखिया अलोक कुमार की सरपरस्ती की भी बात सामने आयी  थी. ऐसे में शुचिता और इमानदारी का ढिंढोरा पीटने वाली भाजपा की इस सरकार में अब देखने वाली बात यह होगी कि वह बीएस तिवारी के कारनामों पर कब नजर डालती है.

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जांच की आहट से सक्रिय खिलाड़ी, जरूर नपेगा बीएस तिवारी

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प्रेसटूल खरीद मे माल काटा मौत बांटी बीएस तिवारी ने

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