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यूपी का राजदरबार : नौ दिन चले अढ़ाई कोस….

raj darbarयूपी की नौकरशाही : नौ दिन चले अढ़ाई कोस…

लखनऊ : अपने देश में एक कहावत है, नौ दिन चले अढ़ाई कोस। बीते दिनों लोकभवन में एसटीएफ के कामकाज की समीक्षा के दौरान एक उच्चाधिकारी ने इस कहावत का उपयोग करते हुए एसटीएफ के आला अफसरों की खूब खिचाई की। एसटीएफ को राज्य की सबसे काबिल पुलिस फ़ोर्स कहा जाता है। इसी एसटीएफ के आला अफसरों की स्मार्ट मीटर में गडबडी की जांच को लेकर बीते दिनों नौ दिन चले अढ़ाई कोस की कहावत के जरिये खूब फजीहत हुई।

इसकी वजह थी, शासन स्तर से तमाम अहम लीड मुहैया कराने के बाद भी एसटीएफ के अधिकारी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके। स्मार्ट मीटर में गडबडी के चलते जन्माष्टमी की रात को मथुरा सहित सूबे के कई जिलों में अँधेरा हो गया था। उस रात किसी तकनीकी गडबडी के चलते लाखों प्रीपेड़ स्मार्ट मीटर बंद हो गये थे। जिन्हें की घंटों बाद ठीक किया जा सका था। स्मार्ट मीटर में हुई गडबडी की जांच एसटीएफ को दी गई थी। और तीन दिनों में एसटीएफ को जांच रिपोर्ट शासन को सौपने का कहा गया था। लेकिन एक महीना बीतने के बाद भी एसटीएफ ने सरकार को अपनी रिपोर्ट नहीं दी। तो लोकभवन में बैठने वाले आला अफसर बहुत खफा हो गए और उन्होंने एसटीएफ अफसरों को तलब कर लिया। फिर स्मार्ट मीटर में हुई गडबडी को लेकर अब तक की गई जांच की प्रगति पूछी? तो एसटीएफ के आला अफसर सकपका गये।

उन्होंने उच्चाधिकारियों को बताया कि शक्तिभवन में स्मार्ट मीटर के संचालन को लेकर तमाम तरह की जानकारी करने के बाद बिजली विभाग और एलऐंडटी के अधिकारियों से कुछ सवालों के जवाब मांगे गए हैं। अभी तक जवाब मिले नहीं है, इसलिए जाँच आगे नही बढ़ सकी है। बताया जाता है कि एसटीएफ के आला अफसर का यह जवाब सुनते ही हमेशा शांत रहने वाले उच्चाधिकारी ताव में आ गये और बोले यह मोबाइल सर्विलांस के जरिये किसी अपराधी को पकड़ने का मामला नहीं हैं। हम यहां आपसे जांच रिपोर्ट चाह रहें है और इसके लिए क्या वर्षों तक इन्तजार नहीं करेंगे। आप लोगों से न हो सके तो बता दें। हम किसी अन्य एजेंसी से जांच करा लेंगे। लेकिन यह नहीं सुनेगे कि अभी तक सवालों के जवाब नहीं मिले हैं, इसलिए जांच किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। इस पर एसटीएफ के आला अफसर सारी-सारी कहने लगे। यह देखकर बड़े साहब शांत हुए और बोले जल्दी से जांच पूरी कर रिपोर्ट भेजे ताकि इस मामले में अगला कदम उठाया जा सके। अब यह किस्सा पुलिस महकमें में चटकारे लेकर सुनाया जा रहा है।

एसटीएफ की स्थापना कल्याण सिंह के प्रयास से दो दशक पहले हुई थी। तब से लेकर अब तक एसटीएफ ने तमाम शातिर अपराधियों को मारा पकड़ा, तमाम तरह की जांचे की, लेकिन कभी भी इसके अफसरों को नौ दिन चले अढ़ाई कोस का मतलब शासन के आला अफसरों ने नहीं समझाया था। बीते दिनों शासन स्तर पर हुई उच्चस्तरीय बैठक में नौ दिन चले अढ़ाई कोस का मतलब समझा दिया गया तो अब एसटीएफ के आला अफसर शक्ति भवन में अब ज्यादा दिखाई देने लगें हैं। फिलहाल अब नौ दिन चले अढ़ाई कोस वाले मुहावरे की चर्चा लोकभवन में बैठने वाले अफसरों के बीच खूब हो रही है।
************* साभार राजेंद्र जी की वाल से….

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