लखनऊ : राजधानी लखनऊ में गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध का शंखनाद कर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने किया घोषणा, बनायेंगे चतुरंगिनी सेना, गो रक्षा के लिए शस्त्र उठाने से भी परहेज नहीं. इस दौरान कार्यक्रम में अनुमति मिलने में आयी प्राशसनिक दिक्कतों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि किसी सन्यासी या योगी का दोहरा चरित्र नहीं हो सकता. माघ मेले की घटना का किया उल्लेख पूछे सवाल कि क्या वेद पढने वाले बटुक क्या आपकी लाठी और जूते के योग्य थे ? जो उनके साथ अन्याय किया गया.

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