अफसरनामा ब्यूरो
लखनऊ: आज रविवार को माघी पूर्णिमा की पवित्र तिथि को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत के वर्ष 2026-27 के आम बजट प्रस्तुत किया तो देश और समाज के अलग-अलग हिस्सों को उम्मीदें होना लाजिमी थी लेकिन बजट भाषण शुरू होने के साथ-साथ शेयर बाजार में जिस तरह से भूचाल आना शुरू हुआ तो लगा कि बाजार को बजट रास नहीं आया है। शेयर बाजार के दृष्टिकोण से वायदा कारोबार और ऑप्शन ट्रेडिंग से ही बाजार के वॉल्यूम को गति मिलती है लेकिन वित्त मंत्री द्वारा STT (सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स) में डेढ़ सौ प्रतिशत वृद्धि की घोषणा करते ही बाजार में चौतरफा बिकवाली शुरू हो गई और एक समय निफ्टी 700 पॉइंट और सेंसेक्स तकरीबन 2000 पॉइंट नीचे आ गया लेकिन कुछ वक्त बाद संभलने के बाद निफ्टी लगभग 500 पॉइंट और सेंसेक्स डेढ़ हजार पॉइंट गिर कर बंद हुए। जानकारों की माने तो FII के निवेश को आकर्षित करने और कारोबारी वॉल्यूम को बढ़ाने के लिए एसटीटी में कमी का अनुमान लगाया जा रहा था लेकिन इसके उलट 150% बढ़ोत्तरी की घोषणा हो जाने से बाजार का सेंटीमेंट बिगड़ा है।
शेयर बाजार में आये इस भूचाल को देखते हुए रेवेन्यू सेक्रेटरी अरविंद श्रीवास्तव को सामने आकर यह स्पष्ट करना पड़ा कि STT की दरों में वृद्धि केवल फ्यूचर और ऑप्शन सेगमेंट के सावधान पर ही लागू होगी और अन्य सेगमेंट की दरें पूर्व की तरह यथावत बनी रहेंगी।साथ ही आयकर की दरों में कोई नई राहत न मिलने से भी कारोबारियों सहित नौकरीपेशा वर्ग में भी मायूसी देखी गई।
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