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वाह रे बिजली विभाग के कर्णधार, विभाग में अजब खेल और गजब कारनामे

#शासन की आँखों पर पट्टी तो, अफसर एकदम मनमाने.

#एटा पुलिस जवाहरपुर का सरिया लूट में विभागीय मिलीभगत से इनकार नहीं.

#पुलिस के अनुसार विभागीयकर्मी की मिलीभगत से प्रकरण में एक अंतर्राज्यीय गैंग शामिल.

#सरिया चोरी में विभागीय संलिप्तता होने का पहला सबूत GM, US Gupta को हटाया जाना है.

#जवाहरपुर लूट के जांच अधिकारी सुबीर चक्रवर्ती की भूमिका भी है सवालों के घेरे में.

#हरदुआगंज में मौत के जिम्मेदार बीएस तिवारी की जांच 8 महीने से निदेशक संजय तिवारी के पास.

#संजय तिवारी जांच के क्रम में नहीं चल सके अभी तक एक कदम, तर्कों से कर रहे मामले को उलझाने का प्रयास.             

अफसरनामा ब्यूरो 
लखनऊ : सूबे के बिजली विभाग के अजब-गजब कारनामे हैं, जहां जिम्मेदार अधिकारी महाभारत के धृतराष्ट्र की तरह आँखों पर पट्टी बांधे हुए हैं. हरदुआगंज का मौत काण्ड, जवाहर तापीय परियोजना की संगठित चोरी या फिर बिजली विभाग के उत्पादन निगम के निदेशक बीएस तिवारी के कारनामों का मामला हो, इन सब की जानकारी के बावजूद जिम्मेदारों की चुप्पी का क्या रहस्य है.
जवाहरपुर के सरिया लूटकांड में जहां पुलिस प्रशासन का कहना है  कि प्रथम दृष्टया इसमें स्थानीय अधिकारियों की मिली भगत से एक अंतर्राज्यीय गिरोह सरिया आदि की चोरी करा रहा था, और विभाग द्वारा GM, US Gupta को मुख्यालय से अटैच करना विभागीय संलिप्तता को साबित भी करता है. लोगों का तो यहाँ तक कहना है कि यदि इस पूरे प्रकरण में मुख्यमंत्री सचिवालय हस्तक्षेप नहीं करता तो शायद यह कार्यवाही भी विभाग न करता.
इतने बड़े लूटकाण्ड जिसकी जड़ें 3 राज्यों में फैली होने की जानकारी आ रही हो, उसमें विभाग GM, US Gupta को केवल मुख्यालय से अटैच कर वाहवाही लूटने में लगा है, जबकि JE Surendra Kumar अभी भी वहीं तैनात है. इसके अलावा जवाहरपुर के जांच अधिकारी सुबीर चक्रवर्ती के पास इन्हीं दोनों की हरदुआगंज में तैनाती के दौरान की गयी शिकायत का निस्तारण अभी तक नहीं किया जा सका है फिर भी उन्हीं को जांच के लिए भेजा जाना कहीं न कहीं सवाल खडा करता है. बिजली विभाग की इस तरह की उदासीनता से लगता है कि विभाग या तो मामले को दबाने की कोशिश में है या फिर इससे जुडी किसी बड़ी मछली को बचाने की कोशिश में है.
एकतरफ जहां हरदुआगंज की जवाहर तापीय परियोजना की संगठित चोरी या यूं कहिए लूट को लेकर पुलिस और प्रशासन सख्त रवैया अपनाए हुए है तो बिजली विभाग की पूरे मामले में सुस्ती प्रकरण की लीपापोती कर निपटाने की तरफ इशारा करता है. और संभव है कि एनी प्रकरणों की तरह देर-सबेर, छोटी-मोटी कार्यवाही कर मामले को ठन्डे बस्ते में डाला जा सकता है.
बताते चलें कि “अफसरनामा” द्वारा खबर चलाए जाने के बाद बिजली विभाग के चेयरमैन आलोक कुमार ने निदेशक परियोजना निर्माण सुबीर चक्रवर्ती को तत्काल जांच के लिए मौके पर तो भेजा लेकिन उनके द्वारा जांच के नाम पर केवल लीपापोती की ही बात सामने आ रही है. वहीँ दूसरी तरफ बीएस तिवारी जिसके कारनामों की एक लम्बी चौड़ी किताब है जिसका कुछ पार्ट ही अभी लोगों की नजर में आया है जबकि विभागीय अधिकारियों की जानकारी में सब कुछ है के बावजूद भी चुप्पी है, विभागीय उदासीनता को दर्शाता है.
“अफसरनामा” ने अपनी खबर में जवाहरपुर के GM,US Gupta को हरदुआगंज का भी चार्ज दिए जाने का मुद्दा उठाया जोकि नियमों के विरुद्ध था. इसपर विभाग ने GM,US Gupta से हरदुआगंज का चार्ज तो हटा लिया, लेकिन अब सवाल यह है कि जब एक संगठित चोरी/लूट का खुलासा जवाहरपुर में हुआ है और पूरे प्रकरण में JE, Surendra और GM,US Gupta का नाम सामने आ रहा है तो JE, Surendra वहां पर अभी तक क्यूँ बनाये रखा गया है, क्या इनपर कार्यवाही भी होगी? जबकि इसके पहले भी हरदुआगंज में इन जुगल जोड़ी के कारनामों की शिकायत इन्हीं जवाहरपुर के जांच अधिकारी सुबीर चक्रवर्ती से लिखित रूप में की गयी थी जिसका निस्तारण सालों बीत जाने के बाद भी अभी तक नहीं हो सका है.
उधर दूसरी तरफ विभाग के ही एक बड़े अधिकारी बीएस तिवारी अभी भी कमीशनखोरी के एक लंबे खेल को अंजाम देने की तैयारी में लगे हुए हैं. वह खेल NASH VACUUM PUMP की खरीद को लेकर है. हालांकि NASH VACUUM PUMP की खरीद की पूरी कहानी “अफसरनामा” उजागर कर चुका है, परंतु उसमें भी इतना सब होने के बावजूद विभाग के जिम्मेदार अफसर पूरे प्रकरण की जानकारी होने के बाद भी कान में तेल डाले हुए हैं.  हरदुआगंज काण्ड की जांच करीब 8 महीने से विभाग के ही एक अधिकारी संजय तिवारी के पास लंबित है लेकिन अभी तक उनके द्वारा जांच की दिशा में एक कदम भी नहीं चला जा सका है. मामले को केवल बहानों और तर्कों में ही उलझाया जा रहा है.
NASH VACUUM PUMP खरीद की प्रक्रिया अभी अपने शैशव काल में ही है लेकिन सप्लाई करने वाली कंपनी क्रिश को बीएस तिवारी पर इतना भरोसा था कि उसने NASH VACUUM PUMP एडवांस में खरीद कर स्टाक में रख लिया, ताकि फटाफट डिलीवरी और फटाफट पेमेंट लेकर बंदरबांट की जा सके. जानकारों के मुताबिक़ बीएस तिवारी का यह खेल भी करीब 30-40 लाख का है जिसको संगठित होकर अंजाम देने की तैयारी है.
GM,US Gupta की तैनाती में पार्टी के एक बड़े प्रवक्ता और गुप्ता के कथित समधी का नाम सामने आने से बड़ा सवाल यह खडा होता है कि क्या विभाग लापरवाह है या फिर विभाग पर किसी और का दबाव है जिससे चलते इस पूरे प्रकरण को दफन किए जाने या फिर किसी अन्य को बचाने की तैयारी हो रही है.

अगले अंक में पढ़िए….US Gupta को GM जवाहरपुर…बनवाने में किसका हाथ……..

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afsarnama

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