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यूपी के स्वास्थ महकमों की सेहत है नासाज, हो रहे फर्जीवाड़े तो कैसे सुधरेगी जनता की सेहत

#डॉक्टर के दाखिले में किए गए इस फर्जीवाड़े ने वर्ष 2022 में आयुर्वेद विभाग में काउंसलिंग में किए गए फर्जीवाड़े की याद ताजा कर दी.

अफसरनामा ब्यूरो

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में आजकल सेहत के महकमों की सेहत नासाज चल रही है. आयुष के महकमें में ट्रांसफर-पोस्टिंग और मृतक आश्रितों की भर्ती के विवाद में होम्योपैथी विभाग लगातार चर्चा में बना हुआ है तो एलोपैथिक डॉक्टरों के दाखिले में हुए एक नए फर्जीवाड़े के खुलासे ने सभी को चौंका दिया है.

#MBBS में फर्जी दाखिलों का हुआ खुलासा, वर्ष 2022 में आयुर्वेद विभाग में काउंसलिंग में किए गए फर्जीवाड़े की याद ताजा.

उत्तर प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा विभाग में एक बड़ा घोटाला पकड़ा गया है. पूरे प्रदेश में MBBS की 66 सीटों पर फर्जी दाखिले सामने आए हैं. ख़बरों के मुताबिक चिकित्सा शिक्षा विभाग की महानिदेशक किंजल सिंह के अनुसार MBBS की कुल 4442 सीटों में से 2% यानी 79 सीटें स्वतंत्रता सेनानी आश्रित कोटे के लिए आरक्षित थीं. पहली काउंसलिंग में 72 छात्रों ने इसी कोटे से प्रवेश लिया. जांच में पता चला कि इनमें से 10 जिलों मेरठ, बलिया, भदोही, गाजीपुर, सहारनपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गाजियाबाद, बुलंदशहर और आगरा के 66 प्रमाणपत्र संदिग्ध पाए गए. डॉक्टर के दाखिले में किए गए इस फर्जीवाड़े ने वर्ष 2022 में आयुर्वेद विभाग में काउंसलिंग में किए गए फर्जीवाड़े की याद ताजा कर दी है.

#जिलाधिकारी, आगरा की रिपोर्ट आने के बाद अन्य जिलों में भी सत्यापन शुरू

जिलाधिकारी, आगरा की रिपोर्ट 21 अगस्त को आने के बाद अन्य जिलों से भी सत्यापन शुरू किया गया. अब तक गाजीपुर, बुलंदशहर, वाराणसी, सहारनपुर और गाजियाबाद से पुष्टि हो चुकी है कि प्रमाणपत्र फर्जी तरीके से जारी किए गए थे.

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