दिल्ली : महाराष्ट्र, राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में बंद में शामिल होने की दलित संगठनों ने अपील की है. शायद यही वजह रही कि केंद्र सरकार को पुनर्विचार याचिका दायर करने का फैसला करना पड़ा है. एससी/एसटी एक्ट पर विपक्ष और सांसदों के विरोध पर केंद्र सरकार झुकती हुए सोमवार को सुप्रीमकोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने जा रही है. इस मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को लगातार निशाना बनाया, वहीं एनडीए के दलित और आदिवासी सांसदों ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर इस मामले में कदम उठाने की गुजारिश की थी. सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक आदेश में एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए इसके तहत मामलों में तुरंत गिरफ्तारी की जगह शुरुआती जांच की बात कही है. इस आदेश में जस्टिस एके गोयल और यूयू ललित की पीठ ने कहा था कि सात दिनों के भीतर शुरुआती जांच जरूर पूरी हो जानी चाहिए. वहीं दलित और आदिवासी संगठनों का कहना है कि यह कानून दलितों के खिलाफ इस्तेमाल होने वाले जातिसूचक शब्दों और हजारों सालों से चले आ रहे अत्याचार को रोकने में मददगार रहा है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब दलितों को निशाना बनाना और आसान हो जाएगा.

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