लखनऊ : 1990 के दशक में धाकड़ डीजीपी के रूप में पहचान रखने वाले प्रकाश सिंह का कहना है कि खाकी, खादी और अपराधी के गठजोड़ का सुबूत है कानपुर एनकाउंटर . श्री सिंह के अनुसार इस घटना में कदम-कदम पर पुलिस चूक करती रही, जिसका नतीजा आठ पुलिस कर्मियों की शहादत के रूप में सामने आया. विकास दूबे एक दिन पहले पुलिस कर्मियों का धमकी दे चुका था. उसका पूर्व का इतिहास मंत्री को थाने के अंदर मार देने का था.

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