वाह रे यूपी की अफसरशाही, विभाग का प्रमुख सचिव ही बना है निदेशक, नहीं छोड़ रहा कुर्सी का मोह। प्रदेश के एक कल्याण करने वाले विभाग के प्रमुख सचिव के पास एक साल से है निदेशक का चार्ज। कल्याण करने वाले इस विभाग के मंत्री की एक स्कार्पियो कार के महीने के तेल का खर्चा करीब 1.5 लाख तो प्रमुख सचिव की गाड़ी का महीने का खर्च करीब 2 लाख. आखिर पिछड़ों, दिव्यागों आदि के कल्याण के लिए इतना समर्पण तो बनता ही है. यही नहीं कल्याण करने वाले इस विभाग में लेनदेन की चर्चा भी काफी गर्म है, मंत्री व प्रमुख सचिव की मंत्री व प्रमुख सचिव की संलिप्तता की भी चर्चा खूब। बीते वर्ष सीएम योगी ने कहा था कि “2017 से पहले दिव्यांगजनों को हर महीने मिलने वाली पेंशन में बहुत जगह बाबू लोग कट मांगते थे। यहां तो बड़के बाबू और मंत्री जी साथ-साथ लगे हैं।