लखनऊ : 100 करोड़ की GST चोरी में रविवार को पुणे से केशवानी, अब्बास हुसैन, रमजान अली गिरोह के सदस्य हुए गिरफ्तार, चोरी का हुआ खुलासा. कागजों में दर्ज फर्जी फार्मों के माध्यम से हुआ पूरा खेल. अलग-अलग राज्यों से वास्तविक कारोबारी आवश्यकतानुसार जीएसटी नम्बर, माल या सेवा का विवरण, मात्रा कीमत व्हात्सप्प पर इस गिरोह को भेजते थे. जिसके बात इन रजिस्टर्ड बोगस फार्मों के नाम पर फर्जी सेल्स इनवाईस और ई बिल तैयार कर पोर्टल पर किये जाते थे अपलोड. जिसके बाद इन इनवाईस से वास्तविक फर्मों को इनपुट क्रेडिट तो मिल जाता था जबकि हकीकत में ऐसी कोई खरीद बिक्री नहीं होती थी. इसके अलावा कागजों में तो बैंक से लेनदेन दिखाया जाता था जबकि हकीकत में मामला कैश में सेटल होता था. राजधानी लखनऊ के इंदिरानगर के फर्जी पैन, आधार और पते पर रजिस्टर हुई थीं फर्में.