दिल्ली : सरकारी आवास के स्टोर में लगी आग और उसके बुझाने के दौरान मिले जले नोट मिलने के बाद चर्चा में आये और महाभियोग का सामना कर रहे जस्टिस यशवंत वर्मा का इस्तीफ़ा, चीफ जस्टिस को भी भेजी इस्तीफे की कापी. माना जा रहा है कि महाभियोग से हटाये जाने पर हाईकोर्ट के जजेज के “सेलरी एंड कंडीशन सर्विस एक्ट” 1954 लागू नहीं होता और जस्टिस वर्मा रिटायर्मेंट के बाद मिलने वाले सभी लाभों से वंचित होते. ऐसे यदि इनका यह इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया जाता है तो वह सेवानिवृत्त के बाद मिलने वाले समस्त लाभों के हकदार होंगे.

Related Articles

Check Also
Close
Back to top button