लखनऊ : सीमावर्ती जिले बिजनौर में तैनात यूपी पुलिस की कार्यशैली ने तैनाती आदि को लेकर खड़े किये सवाल से बढ़ी अफसरों की अतिरिक्त जिम्मेदारी. बिजनौर की प्रकरण से साफ़ है कि पुलिस सिस्टम में जमीनी सुपरविजन करने वाले तैनात अफसरों को क्राईम और क्राईम करने वालों की मोनिटरिंग से ज्यादा अपने शागिर्दों की कार्यशैली को लेकर होना पड़ेगा संजीदा. बीते दिनों ATS द्वारा गिरफ्तार किये गए 04 संदिग्ध आतंकियों को बिजनौर पुलिस द्वारा नवम्बर में क्लीन चिट दिए जाने से खुली पुलिस की जमीनी कार्यशैली की हकीकत, कप्तान बिजनौर ने फ़िलहाल उक्त प्रकरण की जांच करने वाले दरोगा को सस्पेंड कर सीओ को हटा दिया है.

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