लखनऊ : परिवहन विभाग की कार्यशैली और इसमें व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अहम् टिप्पणी, बोले ऐसी कंपनियों को परिवहन विभाग ने क्यों दे दिया काम. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व परिवहन आयुक्त का जांच सम्बन्धी पत्र भी ठन्डे बस्ते में. सीएम योगी की नाराजगी के बाद पीड़ितों को टरकाने वाले अफसर हरकत में आये और पीड़ितों से बातचीत कर शिकायते दर्ज कीं. दरअसल परिवहन विभाग में डीएल बनाने, प्रिंट और डिलीवर करने का काम सिल्वर टच, रोजमार्ट और फोकाम जैसी एजेंसी कर रही हैं. और इसके लिए पूरे प्रदेश में 320 कर्मचारी तैनात किये हैं. आरोप है कि कर्मचारियों से भर्ती के नाम पर 03-04 लाख की वसूली की जा रही है. इन एजेंसियों की लूट के खिलाफ पूर्व परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने 25 जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र लिख जांच के आदेश दिए थे, लेकिन जांच रिपोर्ट का पता ही नहीं चला. इसके अलावा दर्जनों शिकायतों और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की शिकायतों को लेकर जांच के लिए लिखे गए पत्र पर कोई कार्यवाई नहीं हो सकी.

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