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लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार निजी अस्पतालों के उद्घाटन का फीता काट स्वास्थ्य और रोजगार के आंकड़े जुटाने में जुटी है, जबकि विभागीय उदासीनता और निजी अस्पतालों की मुनाफाखोरी का शिकार जनता है.छापेमारी के बाद “आमजन” के लिए शुरू की गयी आयुष्मान योजना और निजी अस्पतालों की सामने आयी चिंताजनक हकीकत. “राष्ट्रीय स्वस्थ्य प्राधिकरण” के निर्देश पर “स्टेट एजेंसी साचीज” ने “आयुष्मान योजना” से जुड़े कई निजी अस्पतालों में की छापेमारी, मंडल स्तर पर पूरे प्रदेश में शुरू हुई छापेमारी से आयी जमीनी हकीकत, कि कैसे निजी अस्पताल रहे लूट और सरकारी आंकड़े एकदम मजबूत….जारी

सरकार की नाक के नीचे राजधानी लखनऊ के अर्जुनगंज का “पुष्पांजलि हास्पिटल”— पोर्टल पर 09 मरीजों का ब्यौरा किया अपलोड जबकि मौके पर केवल 01 मरीज और एक भी MBBS डॉ नहीं मिला. इसी तरह “अमृत हास्पिटल”—– ICU में संक्रमण बचाव व OT के मिले मानक नाकाफी रहे, 03 डाक्टर की जगह एक भी नहीं मौजूद. “ओम साईं”—— हास्पिटल में आयुष्मान योजना के तहत मरीजों के लिए 10 बेड की अनुमति लिया मौके पर केवल 05 बेड मिले, न यहाँ डाक्टर, न ही OT और न ही टेक्नीशियन, लेकिन सरकार के आंकड़ों में 10 बेड दर्ज. बेसमेंट में चलाए जा रहे “शताब्दी अस्पताल”—- में आयुष्मान योजना के लिए न तो कोई हेल्प डेस्क और न ही TMC portal को चलाने के लिए है कोई कर्मचारी. अर्जुनगंज का ही “मेडीहेल्थ हास्पिटल”—– 01 MBBS डॉ मिला, बायोमेडिकल वेस्ट की NOC ख़त्म मिली. यह स्थिति राजधानी लखनऊ की है बाकी प्रदेश का आंकलन किया जा सकता है.

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