लखनऊ : राज्य कर विभाग में आईएएस अफसरों के स्वीकृत पदों से अधिक तैनाती का मुद्दा गर्माया, जीएसटी आफिसर्स सर्विस एसोसियेशन द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र लिख आपत्ति पर शासन ने दिए जांच के आदेश. विभाग के वरिष्ठ अफसरों के मुताबिक 1.25 लाख करोड़ का राजस्व देने वाले इस विभाग को नए आईएएस का ट्रेनिंग सेंटर नहीं बनाना चाहिए. इस नाराजगी की शुरुआत कानपुर से हुई जहाँ अपर आयुक्त स्तर के दो पदों में पहले आईएएस सैमुअल पाल को और अब आईएएस सान्य छाबड़ा को तैनाती दी गयी है. जबकि एसोशियेशन ने इसे सेवा नियमावली के विरुद्ध बताया और कहा कि विभाग में अपर आयुक्त ग्रेड 1 के स्वीकृत 22 पदों पर नियमानुसार नियुक्ति केवल पदोन्नति के माध्यम से ही होनी चाहिए. पहले भी कानपुर और गाजियाबाद में विभागीय अधिकारी ही सर्वोच्च पद पर रहे हैं.

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