लखनऊ : नेशनल हेल्थ मिशन के तहत 2013-14 से 2025-26 तक यूपी के श्रावस्ती, बहराइच, गोंडा और बलरामपुर जिलों को भेजे गए बजट, दवा और उपकरण खरीद का पूरा विवरण केन्द्रीय जाँच एजेंसी #ED को उत्तर प्रदेश का महानिदेशालय स्वास्थ्य देने में नाकाम. जब 01 जिले बस्ती में 2024 के मामले में #CMSDStore को हुई सप्लाई और अभिलेखों में किये गए #फर्जीहस्ताक्षर की जांच कमेटी में पुष्टि और #चीफफार्मासिस्ट #अजयमिश्र के दोषी पाए जाने के बाद भी आज 2.5 साल बाद भी कार्यवाही नहीं की जा सकी तो 04 जिलों के प्रकरण में कितना खेल होगा अंदाजा लगाया जा सकता है. ऐसे में विवरण उपलब्ध कैसे उपलब्ध कराया जाएगा, समझा जा सकता है. बताते चलें कि ED ने 15 जुलाई को स्वास्थ्य महानिदेशालय को PMLA के तहत पत्र भेजकर सभी सरकारी अस्पतालों के बजट, खर्च, दस्तावेज और उपयोग संबंधी जानकारी मांगी थी. UPMSCL से 2019-20 से अब तक के टेंडर, सफल फर्मों, बैंक गारंटी, घटिया दवाओ और खराब उपकरणों की सप्लाई पर हुई कार्रवाई व रकम का विवरण भी मांगा था. बैंक गारंटी फर्जीवाड़े के बाद जांच अहम मानी जा रही है, लेकिन दो महीने बाद भी अधिकांश जानकारी जुटाई नहीं गई. इससे खरीद प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ रहे है.

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